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Jyotish Zone

आठवां भावRandhra Bhav

आयु, रूपांतरण, गूढ़ विद्या

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उत्तर भारतीय कुंडली में आठवां भाव

आयु भाव

अष्टम भाव को आयु भाव कहते हैं। इस भाव के स्वामी को अष्टमेश अथवा मृत्युयेश कहते हैं। इसी भाव से जातक की आयु, मृत्यु, मृत्युस्थान, मृत्यु का कारण और उसके बाद यश-अपयश का ज्ञान किया जाता है।

इस भाव का कारक: शनि

इस भाव का कारक शनि है।

अष्टम भाव के मुख्य विषय

इस भाव के मुख्य विषय ये हैं:

आठवां भाव में प्रत्येक ग्रह

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