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Jyotish Zone

तीसरा भावSahaj Bhav

भाई-बहन, साहस, संवाद

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उत्तर भारतीय कुंडली में तीसरा भाव

सहज भाव

तृतीय भाव को सहज अथवा भ्रातृ-स्थान भी कहते हैं। इस भाव के स्वामी तृतीयेश को सहजेश भी कहते हैं। इसी भाव से जातक के संघर्ष और परिश्रम की सीमा तथा भाई-बहनों की संख्या और उनके सहयोग का विचार किया जाता है।

इस भाव का कारक: मंगल

इस भाव का कारक मंगल है।

तृतीय भाव के मुख्य विषय

इस भाव के मुख्य विषय ये हैं:

तीसरा भाव में प्रत्येक ग्रह

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