stage
Jyotish Zone

दूसरा भावDhan Bhav

धन, वाणी, परिवार

123456789101112
उत्तर भारतीय कुंडली में दूसरा भाव

धन भाव

द्वितीय भाव को धन भाव कहते हैं। इस भाव के स्वामी को द्वितीयेश कहा जाता है, जिसे धनेश अर्थात् धन का स्वामी भी कहते हैं। इसी भाव से जातक की आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा का विचार किया जाता है।

इस भाव का कारक: गुरु

इस भाव का कारक गुरु (बृहस्पति) है।

मारक भाव

यह एक मारक भाव अर्थात् मृत्यु देने वाला भाव है। इसलिए जातक की मृत्यु जिस रोग या कारण से होगी, उसका विचार भी इसी भाव से किया जाता है।

द्वितीय भाव के मुख्य विषय

इस भाव के मुख्य विषय ये हैं:

दूसरा भाव में प्रत्येक ग्रह

संबंधित

अपनी कुंडली में देखें

यह आपके लिए कहाँ स्थित है, यह जानने के लिए अपनी निःशुल्क जन्म कुंडली बनाएं।

मेरी कुंडली बनाएं

दो कुंडलियों का मिलान? कुंडली मिलान आज़माएं