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Jyotish Zone

शनि पहला भाव में

Tanu Bhavस्वयं, शरीर, व्यक्तित्व

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शनि पहला भाव में

शुभ फल

यदि शनि शुभ प्रभाव में अपनी राशि या उच्च राशि आदि में हो तो जातक नगर, गाँव का मुखिया, विद्वान, गुणी और दीर्घायु होता है। वह गंभीर प्रकृति का एकांतप्रिय होता है। वह अपने आत्मविश्वास में बहुत धन कमाता है तथा अपने विरोधी और शत्रुओं को नष्ट कर देता है तथा राजा जैसा अधिकार भोगता है। ऐसे व्यक्ति पहली मुलाकात में अच्छा प्रभाव छोड़ते हैं। जातक को पैतृक सम्पत्ति प्राप्त होती है। दया करने की आदत इसे और धनी बना देगी।

अशुभ फल

जातक व्यर्थ का झगड़ा करने वाला, मोटी बुद्धि वाला, नीच प्रकृति, निर्धन, मलिन, आलसी, कामुक, कंजूस, वेशहीन होता है। उसकी नाक में दोष रहता है। शरीर पर अधिक बाल होने से गरीबी बढ़ेगी। खुजली वात रोग, गुप्त रोगों से शरीर में पीड़ा होती है। चोट, भूत प्रेत आदि से क्लेश रहता है। मानसिक व्यथा भोगता है। लोहे आदि से चोट लगती है। दूसरों की उन्नति देखकर जलना इसका स्वभाव होता है। स्वयं की भूमि सम्पत्ति तथा राज्य के संबंधी कार्यों में सफलता नहीं मिलती। जातक की पत्नी भी अपनी उम्र से काफी बड़ी दिखती है। ऐसे जातक के जन्म के बाद इसके माता-पिता के घर में गरीबी या उजाड़ छा जाता है। घर की नीलामी आदि हो जाती है।

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