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मुहूर्त

आज की होरा — ग्रह-घंटे

होरा एक ग्रह-घंटा है। हर दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है, और फिर सूर्य → शुक्र → बुध → चंद्र → शनि → गुरु → मंगल का क्रम चौबीसों घंटे दोहराता है। गुरु, शुक्र, बुध और चंद्र की होराएँ शुभ मानी जाती हैं; आपके शहर की आज की तालिका नीचे है।

आज Mumbai की होराएँ

आपके स्थान के आधार पर Mumbai दिखाया जा रहा है। होराएँ स्थानीय सूर्योदय से गिनी जाती हैं — नीचे की सूची से अपना शहर चुनें।

अभी Mumbai में होराअभी

शनि

अशुभ

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होरा (ग्रह-घंटे)

यहाँ प्रत्येक होरा सूर्योदय से गिना गया 60 मिनट का ग्रह-घंटा है — शास्त्रीय काल-होरा क्रम, जिसमें दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कुछ पंचांग दिन और रात को अलग-अलग बारह असमान होराओं में बाँटते हैं।

दिन की होरा

होरा स्वामीस्वभावसमय
गुरुशुभ06:25 07:25
मंगलअशुभ07:25 08:25
सूर्यअशुभ08:25 09:25
शुक्रशुभ09:25 10:25
बुधशुभ10:25 11:25
चंद्रशुभ11:25 12:25
शनिअभीअशुभ12:25 13:25
गुरुशुभ13:25 14:25
मंगलअशुभ14:25 15:25
सूर्यअशुभ15:25 16:25
शुक्रशुभ16:25 17:25
बुधशुभ17:25 18:25
चंद्रशुभ18:25 19:25

रात की होरा

होरा स्वामीस्वभावसमय
शनिअशुभ19:25 20:25
गुरुशुभ20:25 21:25
मंगलअशुभ21:25 22:25
सूर्यअशुभ22:25 23:25
शुक्रशुभ23:25 00:25+1
बुधशुभ00:25+1 01:25+1
चंद्रशुभ01:25+1 02:25+1
शनिअशुभ02:25+1 03:25+1
गुरुशुभ03:25+1 04:25+1
मंगलअशुभ04:25+1 05:25+1
सूर्यअशुभ05:25+1 06:25+1

Mumbai का पूरा होरा पृष्ठ →

वार अनुसार होरा-तालिका — दिन की होराएँ

हर वार की सूर्योदय से पहली बारह होराएँ, 06:00 सूर्योदय के संदर्भ-दिन पर। पहली होरा सदा वार के स्वामी की होती है — वारों के नाम, वस्तुतः, यहीं से निकले हैं। वास्तविक समय आपके शहर के असली सूर्योदय से चलते हैं; सटीक होराओं के लिए अपने शहर का पृष्ठ खोलें।

वार06:0007:0008:0009:0010:0011:0012:0013:0014:0015:0016:0017:00
रविवारसूर्यशुक्रबुधचंद्रशनिगुरुमंगलसूर्यशुक्रबुधचंद्रशनि
सोमवारचंद्रशनिगुरुमंगलसूर्यशुक्रबुधचंद्रशनिगुरुमंगलसूर्य
मंगलवारमंगलसूर्यशुक्रबुधचंद्रशनिगुरुमंगलसूर्यशुक्रबुधचंद्र
बुधवारबुधचंद्रशनिगुरुमंगलसूर्यशुक्रबुधचंद्रशनिगुरुमंगल
गुरुवारगुरुमंगलसूर्यशुक्रबुधचंद्रशनिगुरुमंगलसूर्यशुक्रबुध
शुक्रवारशुक्रबुधचंद्रशनिगुरुमंगलसूर्यशुक्रबुधचंद्रशनिगुरु
शनिवारशनिगुरुमंगलसूर्यशुक्रबुधचंद्रशनिगुरुमंगलसूर्यशुक्र

होरा क्या है?

होरा दिन का चौबीसवाँ भाग है — एक ग्रह-घंटा, जिस पर बारी-बारी से सात शास्त्रीय ग्रहों — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि — में से एक का अधिकार रहता है। यही शब्द अंग्रेज़ी के "hour" में बचा है। यह साइट वही काल-होरा परिपाटी अपनाती है जो इसका गणना-इंजन हर जगह प्रयोग करता है: स्थानीय सूर्योदय से गिने गए साठ-साठ मिनट के ग्रह-घंटे, ताकि किसी भी क्षण की होरा वही रहे जो गणनाओं में अन्यत्र ली गई है। कुछ पंचांग दिन और रात को अलग-अलग बारह असमान होराओं में बाँटते हैं; स्वामियों का क्रम वही रहता है, केवल सीमाएँ बदलती हैं।

होरा-क्रम — और वारों का क्रम ऐसा क्यों है

सातों ग्रहों को मंद से शीघ्र गति के क्रम में रखिए — शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र — और हर होरा को इस वलय का अगला ग्रह दीजिए। सूर्य से चलें तो एक-एक होरा बढ़ते हुए वही दोहराता क्रम मिलता है: सूर्य → शुक्र → बुध → चंद्र → शनि → गुरु → मंगल। किसी दिन की पहली होरा से 24 होराएँ गिनिए तो अगले दिन की पहली होरा के स्वामी पर पहुँचते हैं: सूर्य के दिन के बाद चंद्र का दिन, फिर मंगल का — इसी तरह। रविवार से शनिवार का जाना-पहचाना क्रम यही होरा-गणित है — वारों के नाम हर दिन की पहली होरा के स्वामी पर पड़े हैं।

शुभ होराएँ — किस काम के लिए कौन-सी होरा

चार स्वामियों की होराएँ शुभ मानी जाती हैं। गुरु की होरा टिकाऊ शुरुआतों के लिए है: विद्या, संस्कार, धन-व्यवस्था — और सोना खरीदने के लिए प्रचलित पसंद। शुक्र की होरा प्रेम और सौंदर्य की है — कला, आभूषण, वाहन, उत्सव। बुध की होरा व्यापार, लेखा, लेखन और अध्ययन साधती है। चंद्र की होरा सौम्य और व्यापक उपयोग की है — घर-गृहस्थी के काम, और जहाँ शांति चाहिए। शेष तीन में सावधानी: सूर्य की होरा शासन-सत्ता से जुड़े कामों भर के लिए है, मंगल की होरा साहस और प्रतिस्पर्धा के लिए रखी जाती है, और शनि की होरा — श्रम, भूमि और तेल-लोहे के कामों के लिए ठीक — नई शुरुआतों के लिए प्रायः टाली जाती है।

होरा बनाम चौघड़िया — कब कौन-सा देखें

दोनों ही हल्की-फुल्की दैनिक मुहूर्त-प्रणालियाँ हैं, पर प्रश्न थोड़े अलग हैं। चौघड़िया डेढ़-डेढ़ घंटे की खिड़कियों को शुभ, सामान्य या अशुभ की श्रेणी देता है — शुरुआत का समय झटपट तय करने के लिए। होरा बताती है कि घंटे पर किस ग्रह का अधिकार है, इसलिए जब काम का स्वभाव ही ग्रह से जुड़ा हो तो वह महीन औज़ार है: सोना गुरु की होरा में, आभूषण शुक्र की, लेखा-बही बुध की। कई अभ्यासी भारी काम से पहले दोनों का मेल माँगते हैं — शुभ चौघड़िया और शुभ होरा — और क्षण को राहु काल से भी बाहर रखते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभी कौन-सी होरा चल रही है?
ऊपर की तालिका दिखाए गए शहर की चालू होरा पर "अभी" का चिह्न लगाती है — स्थानीय सूर्योदय से गिनते हुए हर साठ मिनट पर नई होरा शुरू होती है। अपने शहर की सजीव तालिका के लिए उसका पृष्ठ खोलें।
सोना खरीदने या निवेश शुरू करने के लिए कौन-सी होरा अच्छी है?
सोने, धन और बढ़ने वाले हर काम के लिए गुरु की होरा शास्त्रीय पसंद है; आभूषण व विलास की खरीद के लिए शुक्र की होरा और व्यापार-कागज़ात के लिए बुध की। आज के उनके सटीक समय ऊपर की दिन-तालिका में देखें।
क्या पहली होरा हमेशा वार के स्वामी की होती है?
हाँ — यही परिभाषा है। रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, मंगलवार को मंगल, बुधवार को बुध, गुरुवार को गुरु, शुक्रवार को शुक्र और शनिवार को शनि — हर एक उस दिन के सूर्योदय से; आगे की हर होरा निश्चित क्रम से चलती है।
क्या होरा के समय शहर-शहर बदलते हैं?
हाँ। होराएँ स्थानीय सूर्योदय से गिनी जाती हैं, इसलिए सीमाएँ शहर और ऋतु के साथ खिसकती हैं — स्वामियों का क्रम सार्वभौमिक है, घड़ी के समय स्थानीय।

राहु काल · चौघड़िया · अभिजित मुहूर्त · मुहूर्त

शहर अनुसार होरा

होराएँ स्थानीय सूर्योदय से गिनी जाती हैं, इसलिए हर शहर की तालिका अलग क्षण से शुरू होती है। आज के सटीक ग्रह-घंटों के लिए अपना शहर खोलें।